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प्रेस विज्ञप्ति

अक्टूबर 2, 2025

लीग ने अंतरराष्ट्रीय पानी में ग्लोबल सुमूद फ्लोटिला के जहाज़ों पर हुए हमले की निंदा की और तात्कालिक अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की मांग की

लीग ने अंतरराष्ट्रीय पानी में ग्लोबल सुमूद फ्लोटिला के जहाज़ों पर हुए हमले की निंदा की और तात्कालिक अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की मांग की

प्रेस विज्ञप्ति

लीग ने अंतरराष्ट्रीय पानी में ग्लोबल सुमूद फ्लोटिला के जहाज़ों पर हुए हमले की निंदा की और तात्कालिक अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की मांग की

लीग ऑफ़ पार्लियामेंटेरियन्स फ़ॉर अल-क़ुद्स एंड फ़िलिस्तीन, ग़ज़ा की ओर जा रहे ग्लोबल सुमूद फ्लोटिला पर इसराइल की नौसेना द्वारा किए गए हमले की कड़ी निंदा करती है. यह हमला खुले समुद्र और अंतरराष्ट्रीय जल-सीमा में हुआ, जो अंतरराष्ट्रीय क़ानून और समुद्री यात्रा के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है. यह उन शांतिपूर्ण मानवीय प्रयासों को जानबूझकर निशाना बनाने जैसा है, जिनका मक़सद ग़ज़ा पर लगे अवैध नाकाबंदी को तोड़ना है.

लीग का कहना है कि सांसदों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और राजनीतिक व्यक्तियों को ले जा रही नागरिक नौकाओं पर हमला पूरी तरह से एक आक्रामक अपराध है, जो फ़िलिस्तीनी जनता और उनके समर्थकों के ख़िलाफ़ हुए लंबे समय से जारी अन्य अपराधों की सूची में एक और इज़ाफ़ा करता है.

यह हमला इस बात को भी उजागर करता है कि क़ब्ज़े वाली सत्ता एक “बाग़ी राज्य” की तरह व्यवहार करती है—जो अंतरराष्ट्रीय क़ानून की परवाह नहीं करती और ख़ुद को हर तरह की जवाबदेही और सज़ा से ऊपर समझती है—और इसे इस रवैये के लिए अमेरिका और उसके सहयोगियों से सीधा समर्थन मिलता है.

लीग रेज़ीलिएंस फ़्लीट (सुमूद फ्लोटिला) के सभी प्रतिभागियों के साथ पूरी एकजुटता व्यक्त करते हुए यह भी ज़ोर देती है कि ग़ज़ा पर लगाया गया नाकाबंदी एक जनसंहार जैसा अपराध है. दो मिलियन से अधिक लोग बमबारी, भूख और संगठित नाकाबंदी के ज़रिये एक विनाशकारी युद्ध का सामना कर रहे हैं.

लीग अंतरराष्ट्रीय समुदाय, संयुक्त राष्ट्र, इंटर-पार्लियामेंट्री यूनियन और दुनिया की सभी संसदों से अपील करती है कि वे इस गंभीर हमले की निंदा करें—क्योंकि यह समुद्री आवाजाही की स्वतंत्रता और मानवीय कार्यों पर सीधा हमला है. लीग उनसे आग्रह करती है कि वे अपने संवैधानिक और विधायी अधिकारों का उपयोग करके अपनी सरकारों पर दबाव डालें ताकि क़ब्ज़े वाली सत्ता के साथ किसी भी तरह की मिलीभगत रोकी जा सके, और उस पर राजनीतिक और आर्थिक प्रतिबंध लगाए जा सकें.

लीग की मांग है कि सभी गिरफ्तार व्यक्तियों—जिनमें लीग की कार्यकारी समिति की सदस्य ब्राज़ील की फेडरल डिप्टी लुईज़ियाने लिंस, लीग के संस्थापक सदस्य अब्दुल रज़्ज़ाक अल-मक़री, और सांसद ज़्वेलिवेलीले मंडेला शामिल हैं—को तुरंत रिहा किया जाए, उन्हें अपनी मंज़िल तक पहुंचने दिया जाए, और ग़ज़ा की नाकाबंदी हटाने, मानवीय सहायता की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने और जनसंहार जैसी स्थिति को रोकने के लिए व्यावहारिक कदम उठाए जाएं.

लीग ऑफ़ पार्लियामेंटेरियन्स फ़ॉर अल-क़ुद्स एंड फ़िलिस्तीन
गुरुवार, 2 अक्टूबर 2025

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